आर्य समाज की शिक्षा परंपरा भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को पीढ़ियों तक पहुंचा रही है – सुरेश कश्यप

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शिमला। सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश कश्यप ने लोअर बाज़ार, शिमला स्थित आर्य कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में आयोजित वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय की प्रतिभावान छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी।

समारोह को संबोधित करते हुए सुरेश कश्यप ने कहा कि आर्य समाज की शिक्षा परंपरा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति, वैदिक संस्कारों, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना का भी विकास करती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसी शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता है जो आधुनिक ज्ञान के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत और जीवन मूल्यों को भी नई पीढ़ी तक पहुंचाए।

उन्होंने कहा कि आर्य कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला इसी दिशा में एक अनुकरणीय कार्य कर रही है। विद्यालय छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण आधुनिक शिक्षा देने के साथ-साथ उन्हें संस्कारित, आत्मनिर्भर और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित नागरिक बनाने का कार्य कर रहा है। यही कारण है कि इस संस्थान ने समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

सुरेश कश्यप ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार है। हमारी शिक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जो वर्तमान और भविष्य को जोड़ने के साथ-साथ युगों-युगों से चली आ रही भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और मूल्यों को भी संरक्षित रखे। आर्य समाज द्वारा स्थापित शैक्षणिक संस्थान इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा हमारी संस्कृति की नींव है और आर्य समाज के शैक्षणिक संस्थान दशकों से इस नींव को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। इन संस्थानों ने समाज को ऐसे नागरिक दिए हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। आज आवश्यकता इस बात की है कि हम आधुनिकता के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों को भी सशक्त बनाए रखें।

सुरेश कश्यप ने विशेष रूप से बालिका शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान की भावना को वास्तविक रूप प्रदान कर रहा है। शिक्षित और सशक्त बेटियां न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि जब बेटियां शिक्षित होंगी तो देश का भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा।

उन्होंने वार्षिक पुरस्कार प्राप्त करने वाली छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत, अनुशासन और लगन अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने छात्राओं से जीवन में निरंतर आगे बढ़ने, अपने माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करने तथा राष्ट्र सेवा को अपना लक्ष्य बनाने का आह्वान किया।

सुरेश कश्यप ने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनके अथक प्रयास, मार्गदर्शन और समर्पण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने विद्यालय परिवार को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्थान आने वाले समय में भी शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देता रहेगा।

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