धर्मशाला: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने धर्मशाला में मीडिया से रूबरू होते हुए सुक्खू सरकार और कांग्रेस आलाकमान पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो नेता देशभर में लोकतंत्र बचाने का ढोंग रचते हैं और हर मंच से शोर मचाते हैं, उन्होंने आज अपने ही विधायकों की स्वतंत्रता का गला घोंट दिया है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि हरियाणा के कांग्रेसी विधायकों को शिमला लाकर किसी मेहमान की तरह नहीं, बल्कि कैदियों की तरह भारी पुलिस सुरक्षा के बीच रखा गया है। उन्होंने हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या इन विधायकों को अपनी अंतरात्मा की आवाज पर मतदान करने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल का पूरा सरकारी तंत्र और पुलिस बल इन विधायकों की घेराबंदी और सुख-सुविधाओं में झोंक दिया गया है, ताकि वे बाहरी दुनिया या किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क न कर सकें। उन्होंने सीधे तौर पर कांग्रेस की आंतरिक फूट और अविश्वास को उजागर करते हुए कहा कि अगर कांग्रेस को अपने ही चुने हुए प्रतिनिधियों और दिग्गज नेताओं पर भरोसा होता, तो उन्हें इस तरह पहरे में रखने की नौबत कभी नहीं आती। ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को घेरते हुए कहा कि आज वे मीडिया के सामने बड़ी-बड़ी बातें तो कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि उनके भीतर गहरा डर व्याप्त है। उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी ने हिमाचल प्रदेश में भी राज्यसभा चुनाव के लिए अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा होता, तो आज कांग्रेस के स्थानीय विधायकों की स्थिति भी हरियाणा के विधायकों जैसी ही होती और वे भी किसी गुप्त स्थान पर कैद नजर आते।